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From Worrying to Wondering (Hindi)

मेंने अपनी व्यक्तिगत खोज द्वारा यह अनुभव किया है , कि संसार के लोग दुखी हैं, और वे सरल समाधानों और सत्यों को जाने विना स्वयं अपने और दूसरे लोगों के लिये दुख उत्पन्न करने की जटिल आदतें निर्मित करते रहते हैं, इसलिये में यहां उपलब्ध हूं और संसार के समक्ष खुलकर बिना किसी अपेक्षा के स्वयं को बाँट रहा हूँ। ताकि आप सभी लोग जीवन में आनन्दित हो कर जी सकें। और आनंद को दूसरों तक फैला सकें ।
यही कारण है, कि मैं अधिकतम लोगों तक पहुंचना चाहता हूं ताकि वे अपने और दूसरे लोगों के लिये और अधिक दूख निर्मित करना वंद करदें।

- Paramahamsa Nithyananda
 
Product Description

“Suffering is a state of mind, not a state of life. No one or nothing can make you suffer without your silent permission.” - Paramahamsa Nithyananda

Recently, an extensive survey was conducted worldwide to determine the deadliest disease afflicting humanity in our times. Many believed it would be AIDS, others suspected it would be cancer, still others assumed that it would be TB. When the results were announced, it amazed the world: the killer disease of our century is none of these.

It is Depression.